एमआईएम के दो विधायक पांच साल से आरक्षण पर चुप क्यों थे ? - नसीम खान -NNL

कांग्रेस की आघाड़ी सरकार द्वारा मुसलमानों को दिए गए आरक्षण को फडणवीस सरकार ने विफल कर दिया।

एमआईएम और बीजेपी एक ही सिक्के के दो पहलू ।


मुंबई|
कांग्रेस के नेतृत्ववाली आघाड़ी सरकार ने साल 2014 में महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय को 5 फीसदी आरक्षण दिया था। इस फैसले को मुंबई उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा था, लेकिन देवेंद्र फडणवीस सरकार द्वारा इसे लागू नहीं किया गया था, जो उसके बाद राज्य में सत्ता में आई थी। कांग्रेस पार्टी जहां मुस्लिम आरक्षण के लिए शुरू से लड़ रही थी, वहीं विधानसभा में एमआईएम के दो विधायक थे, लेकिन ये दोनों विधायक पांच साल तक मुस्लिम आरक्षण पर चुप क्यों रहे? इन विधायकों ने फडणवीस सरकार से जवाब क्यों नहीं मांगा? पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष आरिफ मोहम्मद नसीम खान ने एमआईएम नेताओं की पोल खोलते हुए यह जवाबी हमला बोला है ।

एमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी की खबर लेते हुए नसीम खान ने कहा कि जब मैं अल्पसंख्यक मंत्री था तो हमारी गठबंधन सरकार ने मराठा समुदाय के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय को भी आरक्षण दिया था। लेकिन उसके बाद बीजेपी सरकार ने इसे लागू नहीं किया । मुस्लिम आरक्षण के लिए फडणवीस सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के पांच साल के संघर्ष के दौरान एमआईएम ने आरक्षण के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। इसके उलट एमआईएम के दोनों विधायकों ने मुसलमानों को आरक्षण नहीं देने वाली फडणवीस सरकार का लगातार समर्थन किया । नसीम खान ने यह भी कहा कि एमआईएम को चुनाव के समय ही मुस्लिम आरक्षण की याद क्यों आती है । उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और एमआईएम एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

नसीम खान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा मुस्लिम समुदाय के कल्याण पर जोर दिया है। एमआईएम के साथ भारतीय जनता पार्टी 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' का नारा देती है, लेकिन वास्तव में यह दोनों पार्टियां समाज में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच दरार पैदा करने का काम करती है । एमआईएम को राज्य में मुस्लिम समुदाय का समर्थन नहीं है। एमआईएम की भूमिका हमेशा से बीजेपी के पक्ष में रही है। नसीम खान ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून का राज्य है, ओवैसी को यहां आकर मुस्लिम समुदाय को भड़काने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

मुंबई नगर निगम और राज्य भर के नगर पंचायत  चुनाव से पहले ओवैसी, मुसलमानों के विकास और आरक्षण की बात कर अपनी राजनीति को चमकाना चाहते हैं, लेकिन हम उनके इस मंसूबे को कामयाब नहीं होने देंगे। असदुद्दीन ओवैसी और उनकी एमआईएम पार्टी ने मुस्लिम समुदाय के लिए अब तक  क्या किया है. इसको लेकर नसीम खान ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय बुद्धिमान है और एमआईएम को अच्छी तरह से जानती है। ऐसे में महाराष्ट्र का  मुस्लिम समाज एमआईएम नेताओं के बहकावे में आने वाली नहीं है।

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